Skip to content
SarvaKosh
ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त (ब्रह्मगुप्त - शून्य, कुट्टक, बीजगणित एवं सम्पूर्ण २१ अध्याय सान्वय सटीक)

Brahmasphuta Siddhanta of Brahmagupta with Commentary

by आचार्य ब्रह्मगुप्त

Report a copyright issue

DevanagariHindipublished737 pages

Page 406 of 737

Read in context
Page 406

( २० )
भगणादिकल्पवर्षैर्⁵ लब्धं¹ रविमंडलान्तिका⁶मध्या⁴ ।
मेषाद्द्यु²गुण³फलाधिका भवन्तीष्टदिनमध्याः ॥ ५६ ॥
शुद्धीश ११ बंधे शुद्धे¹देवमशेषात् सावनद्युगण शुद्धिः⁴ ।
व्येकावमं² गृहीत्वा गुणस्वमुने³ युतान्न⁵ शुध्यति चेत् ॥ ५७ ॥
५६. (घ) १. र्लब्धम् for (लब्धं) (ग) (क) (ख) लब्ध for (लब्धं)
२. मेखादि for (मेषादि)
३. द्युगण (ग) (क) for (द्युगुण)
(क) ४. मध्याः (ख) मध्यः (च) मध्य for (मध्या)
(ख) ५. वर्षेः for (वर्षै)
६. लान्तिको for (लान्तिका)
(च) १. ब्धं for (लब्धं) ३ क्क (द्यु) गण for (द्युगुण)
५७. (घ) १. शुद्धेऽवशेषा (ग) शुद्धेऽवमशेषात् (ख) शुद्धेवमशेषात् for (शुद्धेदेवमशेषात्)
२. व्येकामवं (ख) एकावमं for (व्येकावमं)
३. खमुने (क) खमुनि for (स्वमुने)
(ग) शुद्धीश के पश्चात् ११ की संख्या नहीं दी गई है । (क)
(क) १. ऽवमशेषोत्सावन for (देवमशेषात्सावन)
४. सिद्धिः (ख) सुद्धिः for (शुद्धिः)
(ख) ५. युतानि for (युतान्न)
६. सुध्यति for (शुध्यति)
(च) १. शुद्धेइवमशेषात् for (शुद्धेदेवमशेषात्)
२. व्येकामवं for (व्येकावमं)