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बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)

बीसलदेव रासो (नरपति नाल्ह - अजमेर के चौहान विग्रहराज चतुर्थ का ऐतिहासिक काव्य)

Bisaldev Raso of Narapati Nalha on Ajmer Chauhans

by नरपति नाल्ह

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DevanagariHindipublished315 pages

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सूचीपत्र
अध्याय पृ० सं०
भूमिका ... .. ... १-१००
१. प्राप्त हस्तलिखित प्रतियों का परिचय ... १-१६
(क) सत्ताइस हस्तलिखित प्रतियो का पूर्ण परिचय । (ख)
प्रतियों के रूपान्तरों का विवरण । (ग) रूपान्तरों में कथावस्तु
का पार्थक्य ।
२ ग्रंथ की रचना-तिथि ... .. .. १६-५६
अन्त साक्ष्य, भाषा एव ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर
रचना तिथि का विवेचन ।
३. काव्यगत कथा एवं काव्य का रचयिता ... ५६-७१
(क) प्रतियों के रूपान्तरों के अनुसार काव्य में वर्णित कथा का
सार । (ख) कवि का जीवन-चरित्र । (ग) कवि की जाति का
निर्णय ।
४. काव्य-सौष्ठव .. .. ७१-८५
(क) ऋतु-वर्णन । (ख) चरित्र चित्रण । (ग) रस ।
(घ) अलंकार । (ङ) छंद ।
५. भाषा .. ... ८५-१००
(क) सम्पादित प्रति की भाषा । (ख) व्याकरण ।
६ ग्रंथ का सम्पादन ... ... .. १-६६
आज तक की प्राप्त प्रतियों में से सबसे प्राचीन प्रति के आधार
पर सम्पादन ।
७. परिशिष्ट 'क' .. ... .. १०३-१६५
ग्रन्थ में आये हुए विभिन्न नगरों का ऐतिहासिक, भौगोलिक
तथा पौराणिक दृष्टि से विवेचन ।
८ परिशिष्ट 'ख' .. ... १६६-२००
ग्रन्थ में आई हुई विभिन्न जातियों का परिचय ।
६. परिशिष्ट 'ग' .... .. ... २०१-२०५
सहायक ग्रन्थो की सूची २०६-२१३
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