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भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

भैषज्य रत्नावली (गोविन्ददास सेन - सान्वय भाषा टीका सहित)

Bhaishajya Ratnavali Hindi

by कविराज गोविन्ददास सेन (टीकाकार: वैद्य शंकरलाल)

Source: Bhaishajya Ratnavali with Hindi Translation by Vaidya Shankar Lal (1942) (origin)

Public domain in India · Report a copyright issue

DevanagariHindipublished1,416 pages

Page 20 of 1416

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Page 20

( १२ ) भैषज्यरत्नावली-

विषय.पृष्ठ.विषय.पृष्ठ.
दाहकी चिकित्सा।आमाशयगत-वातकी चिकित्सा६१६
चन्दनादि क्वाथ, पर्पटादि क्वाथ५९०पक्वाशयगत-वातकी चिकित्सा,,
दाहान्तकरस,,बस्त्यादिगत-वातकी चि०,,
सुधाकररस५९१स्नायुसन्ध्यस्थिगत-वातकी चि०,,
कुशाद्यतैल और घृत, दाहरोगमें पथ्य,,त्वग्गत वातकी चि०६१७
दाहरोगमें अपथ्य५९३रक्तगत-वातकी चि०,,
उन्मादरोगकी चिकित्सा।मांसमेदोगत वातकी चि०,,
अञ्जन५९५अस्थिमज्जागत-वातकी चि०,,
निम्बधूप, महाधूप, सारस्वत चूर्ण५९६शुक्रगत-वातकी चि०,,
उन्मादपर्पटीरस, उन्मादभञ्जिनी५९७शुष्कगर्भकी चि०,,
उन्मादगजकेसरी, उन्मादगजांकुश५९८शिरोगत-वातकी चि०६१८
उन्मादभञ्जनरस, भूतांकुश रस५९९व्यादितकी चि०,,
चतुर्भुजरस६००अर्दितकी चि०,,
हिंग्वाद्यघृत, लशुनाद्यघृत६०१मन्यास्तम्भकी चि०,,
पानीयकल्याणघृतं६०२ग्रीवास्तम्भकी चि०६१९
क्षीरकल्याणघृत, महाकल्याणघृत६०३जिह्वास्तम्भकी चि०,,
स्वल्पचैतसघृत,,कुब्जकी चि०,,
महापैशाचिकघृत, शिवाघृत६०४आध्मानकी चि०,,
शिवातैल६०६अष्ठीला और प्रत्यष्ठीलाकी चि०,,
उन्मादरोगमें पथ्य६०७गृध्रसीकी चि०६२०
उन्मादरोगमें अपथ्य६०८वातकण्टककी चि०,,
अपस्माररोगकी चिकित्सा।खल्वकी चि०,,
सूतभस्मप्रयोग, इन्द्रब्रह्मवटी६१०शिराग्रहकी चि०,,
भूतभैरव रस, वातकुलान्तक६११अपतानककी चि०६२१
कूष्माण्डघृत, ब्राह्मीघृत६१२पक्षाघातकी चि०,,
स्वल्पपञ्चगव्य घृत,,अपतन्त्रककी चि०,,
बृहत्पञ्चगव्य घृत,,खञ्ज और पंगुताकी चि०६२२
महाचैतसघृत६१३क्रोष्टुशीर्षकी चि०,,
पलंकषाद्यतैल६१४कलायखञ्जकी चि०,,
अपस्माररोगमें पथ्यापथ्यविधि६१५वाह्यान्तरायामककी चि०,,
वातव्याधिकी चिकित्सा।त्रिकशूलकी चि०,,
कोष्ठगत-वातकी चिकित्सा६१६पाददाहकी चि०६२३
पादहर्षकी चि०,,