बौधायन धर्मसूत्र (विवरण टीका व हिन्दी अनुवाद)
Baudhayana Dharmasutra Hindi
by महर्षि बौधायन
Source: Baudhayana Dharmasutram with Vivarana & Hindi Translation by Dr. Umesh Chandra Pandey (origin)
Page 9 of 486
Read in contextआमुख
चौखम्बा संस्कृत सीरीज आफिस ने 'बौधायनधर्मसूत्र' का म० म० ए० चिन्न-स्वामी शास्त्री द्वारा सटिप्पण सम्पादित प्रथम संस्करण पहले प्रकाशित किया था। यह द्वितीय संस्करण आधुनिक विद्यार्थियों तथा अनुसन्धाताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर हिन्दी अनुवाद, व्याख्यात्मक टिप्पणियों, विस्तृत आलोचनात्मक भूमिका एवम् अनुक्रमणिकाओं से संवलित कर प्रस्तुत किया गया है। इसके पूर्व मेरे द्वारा सम्पादित 'गौतमधर्मसूत्र' 'आपस्तम्बधर्मसूत्र' 'आपस्तम्बगृह्यसूत्र' तथा 'याज्ञवल्क्यस्मृति' के हिन्दीव्याख्या-सहित संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं और इन संस्करणों ने लोकप्रियता भी अर्जित की है। बौधायनधर्मसूत्र के इस संस्करण में सूत्रों का सरल हिन्दी अनुवाद दिया गया है और प्रायः प्रत्येक स्थल पर टिप्पणी देकर अर्थ को पूर्णतः स्पष्ट कर दिया गया है।
इस ग्रन्थ के प्रकाशन और मुद्रण का श्रेय चौखम्बा संस्कृत सीरीज आफिस तथा चौखम्बा वि०, वाराणसी के कुशल संचालकों को है और विशेषतः मुद्रण के स्तर के लिए उन्हें धन्यवाद देना मेरा कर्त्तव्य है। प्रस्तावना की प्रेसपाण्डुलिपि तथा अनुक्रमणिका के लिए मैं अपनी सहयोगिनी का आभारी हूँ।
धर्मसूत्रों की उपयोगिता आज भी अक्षुण्ण है। परम्परागत धर्म एवम् आचार-विषयक मान्यताओं के अध्ययन तथा युगसापेक्ष व्यवहार से ही आधुनिक सन्त्रास-पूर्ण जीवन में भी सुख और शान्ति के आविर्भाव की आशा की जा सकती है और यदि भारतीय धर्म के अवबोध में मेरी यह कृति स्वल्प भी योग दे सकी, तो अपना परिश्रम सफल मानूँगा।
<br>$$\left.\begin{array}{l}
\text{दीपावली, सं० २०२६} \
\quad\text{गोरखपुर}
\end{array}\right}$$
$$\begin{array}{r}
\text{विनीत—}\quad\quad\quad \
\text{\textbf{उमेशचन्द्र पाण्डेय}}
\end{array}$$