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आयुर्वेद दर्शन

आयुर्वेद दर्शन

Ayurveda Darshan

by वैद्य महादेव चन्द्रशेखर पाठक

Source: 1949 Edition · De Ra Ekatara Indoor · 1949 (origin)

DevanagariHindipublished235 pages

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विषयानुक्रमणिका.

विषय प्रवेश.

उद्देश व साधन...१
यज्ञःपुरुषीय परिषद् का काल...२
दार्शनिक संप्रदाय...३
यज्ञःपुरुषीय परिषद्...७
काशीपति ग्रामक का मुख्य खवाल व अध्यक्ष का प्रस्ताव...८
परीक्षामौद्गल्य का आत्मवाद....१०
आत्मा का पुरुष-योगोत्पादकत्व...१०
चौबीस तत्व और अन्यक सहित अष्टधातु प्रकृति......११
आत्मा के बोध्दत्व, कर्तृत्व और अस्तित्व के विषय में...११
ज्ञातृत्व में कर्तृत्व का समन्वय...१४
अनादि पुरुष व समुदायात्मक पुरुष...१५
आत्मा के विभु और एक होने के विषय में...१६
आत्मा से ही बुध्दयादि सत्प्रातुओं की उत्पत्ति......१७
सत्वादि गुण बाहुल्य से आशादिकों की उत्पत्ति...१७
तन्मात्राओं के विषय में मतभेद...१८
महाभूतों के गुण व लक्षण...१९
आत्मवादियों की कुछ विशेष बातें...२०
इन्द्रियोत्पत्ति...२०