अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
by डा. गंगा सहाय शर्मा
Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)
Page 905 of 1063
Read in contextप्रसन्न रहती है. (७)
काले तपः काले ज्येष्ठं काले ब्रह्म समाहितम्.
कालो ह सर्वस्येश्वरो यः पितासीत् प्रजापतेः.. (८)
काल में तप, काल में संसार का कारण हिरण्य गर्भ व्याप्त है. काल में ही अंगों सहित
वेद व्याप्त था. काल ही सब का स्वामी है. काल ही प्रजाओं का ईश्वर और पिता था. (८)
तेनेषितं तेन जातं तदु तस्मिन् प्रतिष्ठितम्.
कालो ह बह्म भूत्वा बिभर्ति परमेष्ठिनम्.. (९)
काल ने इस संसार को बनाने की इच्छा की. काल से उत्पन्न जगत् काल में ही प्रतिष्ठित
हुआ. काल ही बल बन कर परमेष्ठी ब्रह्म को धारण करता है. (९)
कालः प्रजा असृजत कालो अग्रे प्रजापतिम्.
स्वयम्भूः कश्यपः कालात् तपः कालादजायत.. (१०)
काल ने प्रजाओं को उत्पन्न किया. काल ने सृष्टि के आरंभ में प्रजापति को उत्पन्न
किया. काल से ही स्वयं भू ब्रह्मा और कश्यप ऋषि उत्पन्न हुए. तेज भी काल से ही उत्पन्न
हुआ. (१०)
सूक्त—५४ देवता—काल
कालादापः समभवत् कालाद् ब्रह्म तपो दिशः.
कालेनोदेति सूर्यः काले नि विशते पुनः.. (१)
काल से जलों की उत्पत्ति हुई. काल से ब्रह्म अर्थात् यज्ञ आदि कर्म, चांद्रायण आदि तप
तथा पूर्व आदि दिशाएं उत्पन्न हुईं. काल के कारण ही सूर्य उदय होता है तथा काल में ही
अस्त हो जाता है. (१)
कालेन वातः पवते कालेन पृथिवी मही. द्यौर्मही काल आहिता.. (२)
काल के कारण वायु चलती है. काल के कारण पृथ्वी महिमामयी है. द्युलोक काल से
महिमामय है तथा काल के आश्रित है. (२)
कालो ह भूतं भव्यं च पुत्रो अजनयत् पुरा.
कालादृचः समभवन् यजुः कालादजायत.. (३)
पहले काल से भूत, भविष्य, पुत्र तथा ऋचाएं उत्पन्न हुईं. काल से ही यजुर्वेद का जन्म
हुआ. (३)
ebook converter DEMO Watermarks*