अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
by डा. गंगा सहाय शर्मा
Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)
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Read in contextकरते हुए चलें. (९)
शं नो देवः सविता त्रायमाणः शं नो भवन्तूषसो विभातीः.
शं नः पर्जन्यो भवतु प्रजाभ्यः शं नः क्षेत्रस्य पतिरस्तु शंभुः.. (१०)
भयों से रक्षा करते हुए सविता देव हमारे सुख के कारण बनें. सुंदर प्रतीत होती हुई
उषाएं हमारा कल्याण करें. वृष्टि करने वाले बादल हमारी प्रजाओं अर्थात् पुत्रों और सेवकों
को सुख देने वाले हों. क्षेत्र के स्वामी शंभु हमारा कल्याण करें. (१०)
सूक्त-११ देवता—मंत्र में कहे गए
शं नः सत्यस्य पतयो भवन्तु शं नो अर्वन्तः शमु सन्तु गावः.
शं न ऋभवः सुकृतः सुहस्ताः शं नो भवन्तु पितरो हवेषु.. (१)
सत्य का पालन करने वाले देव हमारी शांति के कारण बनें. घोड़े और गाएं हमें शांति
देने वाले हों. उत्तम कर्म करने वाले तथा शोभन हाथों वाले देव हमें सुख दें. पितर हमारे
स्तोत्रों अथवा मंत्रों को सुन कर सुख देने वाले हों. (१)
शं नोः देवा विश्वेदेवा भवन्तु शं सरस्वती सह धीभिरस्तु.
शमभिषाचः शमु रातिषाचः शं नो दिव्याः पार्थिवाः शं नो अप्याः.. (२)
विश्वे देव एवं इंद्र आदि देव हमें शांति प्रदान करें. हमारी स्तुतियों के साथ सरस्वती हमें
सुख देने वाली हों. यज्ञ में चारों ओर से आने वाले एवं दान के हेतु एकत्र होने वाले देवता हमें
शांति दें. देव, पृथ्वी पर उत्पन्न होने वाले मनुष्य, पशु आदि तथा आकाश में उड़ने वाले पक्षी
हमें सुख दें. (२)
शं नो अज एकपाद् देवो अस्तु शमहिर्बुध्न्य १: शं समुद्रः.
शं नो अपां नपात् पेरुरस्तु शं नः पृश्निर्रभवतु देवगोपा.. (३)
जन्म न लेने वाले तथा स्थावर जंगम रूप एक चरण वाले एकपाद देव हमें शांति प्रदान
करें. अहिर्बुध्न्य नाम के देव एवं सागर हमें सुख दें. अपानपात नाम के देव हमें शांति प्रदान
करें तथा दुःखों से पार करने वाले हों. देव जिस की रक्षा करते हैं, ऐसी पृश्नि हमारी रक्षा करे.
(३)
आदित्या रुद्रा वसवो जुषन्तामिदं ब्रह्म क्रियमाणं नवीयः.
शृण्वन्तु नो दिव्याः पार्थिवासो गोजाता उत ये यज्ञियासः.. (४)
अदिति के पुत्र देव, रुद्र एवं वसु हमारे किए गए इस नवीन स्तोत्र को स्वीकार करें.
दिव्य पार्थिव अर्थात् पृथ्वी पर उत्पन्न मनुष्य पशु, वृक्ष आदि, पृश्नि से उत्पन्न मरुत् नाम के
देव तथा यज्ञ के योग्य देव हमारी रक्षा करें. (४)
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