Skip to content
SarvaKosh
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

Report a copyright issue

DevanagariSanskritpublished1,063 pages

Page 841 of 1063

Read in context
Page 841

विराडग्रे समभवद् विराजो अधि पूरुषः.
स जातो अत्यरिच्यत पश्चाद् भूमिमथो पुरः.. (९)
इस सृष्टि के आदि में विराट् उत्पन्न हुआ. उस विराट् से पुरुष की उत्पत्ति हुई. वह पुरुष
उत्पन्न होते ही वृद्धि को प्राप्त हुआ. वह भूमि आदि लोकों के पीछे और आगे व्याप्त कर के
उन से अतिरिक्त हुआ. तात्पर्य यह है कि पुरुष ने जीवों की रचना की. (९)
यत् पुरुषेण हविषा देवा यज्ञमतन्वत.
वसन्तो अस्यासीदाज्यं ग्रीष्म इध्मः शरद्धविः.. (१०)
जब देवों ने पुरुष रूप अथवा अश्व रूप हवि से यज्ञ किया, उस समय वसंत ऋतु अपनी
महिमा से इस यज्ञ का घृत, ग्रीष्म समिधा तथा शरद ऋतु यज्ञीय चरु, पुरोडाश आदि हवि
हुआ. (१०)
तं यज्ञं प्रावृषा प्रौक्षन् पुरुषं जातमग्रशः.
तेन देवा अयजन्त साध्या वसवश्च ये.. (११)
सृष्टि के आरंभ में उत्पन्न उस यज्ञीय पशु अथवा पुरुष को वर्षा ऋतु के द्वारा धोया गया.
उस पुरुष के द्वारा साध्य और वसु नाम वाले देवों ने यज्ञ किया. (११)
तस्मादश्वा अजायन्त ये च के चोभयादतः.
गावो ह जज्ञिरे तस्मात् तस्माज्जाता अजावयः.. (१२)
उस यज्ञात्मक पुरुष से घोड़े उत्पन्न हुए. उन घोड़ों के अतिरिक्त गधे और खच्चर भी
उत्पन्न हुए जो ऊपर और नीचे अर्थात् दोनों ओर दांतों वाले थे. उस यज्ञात्मक पुरुष से गाएं
उत्पन्न हुईं तथा उससे बकरियां और भेड़ें उत्पन्न हुईं. (१२)
तस्माद् यज्ञात् सर्वहुत ऋचः सामानि जज्ञिरे.
छन्दो ह जज्ञिरे तस्माद् यजुस्तस्मादजायत.. (१३)
उस अश्व रूप यज्ञीय पुरुष से ऋक् नाम के पशु बद्ध मंत्र तथा गीत रूप साम नाम के
मंत्र उत्पन्न हुए. उसी यज्ञीय पुरुष से छंदों की उत्पत्ति हुई. उसी से गद्यपद्य के सम्मिलित पाठ
वाले यजुष नाम के मंत्र प्रकट हुए. (१३)
तस्माद् यज्ञात् सर्वहुतः संभृतं पृषदाज्यम्.
पशूँस्तांश्चक्रे वायव्या नारण्‍या ग्राम्याश्च ये.. (१४)
उस अश्व रूप यज्ञीय पुरुष से दही से मिले हुए घी का संपादन हुआ. साध्य नाम वाले
देवों ने वायु देवता वाले वन में विचरणशील सिंह, हाथी आदि पशुओं को तथा ग्रामों में रहने
वाले गाय, घोड़े, गधे आदि पशुओं को बनाया. (१४)
ebook converter DEMO Watermarks*