Skip to content
SarvaKosh
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

DevanagariSanskritpublished1,063 pages

Page 62 of 1063

Read in context
Page 62

आसुरी माया ने गरुड़ से युद्ध कर के पित्त को जीत लिया एवं विजय के कारण प्राप्त उस
पित्त को ओषधि का रूप दे दिया. (१)
आसुरी चक्रे प्रथमेदं किलासभेषजम् इदं किलासनाशनम्.
अनीनशत् किलासं सरूपाम् अकरत् त्वचम्.. (२)
आसुरी माया रूपी स्त्री ने सब से पहले कुष्ठ रोग दूर करने की ओषधि बनाई थी. नीली
आदि ओषधियों ने कुष्ठ रोग को नष्ट कर के त्वचा को पहले के समान स्वस्थ बनाया. (२)
सरूपा नाम ते माता सरूपो नाम ते पिता.
सरूपकृत् त्वमोषधे सा सरूपमिदं कृधि.. (३)
हे ओषधि! तेरी माता तेरे समान ही काले रंग वाली है. तेरा पिता आकाश भी तेरे ही
समान नीले रंग का है. हे नील नामक ओषधि! तू अपने संपर्क में आने वाले पदार्थ को अपने
समान रंग वाला बना देती है. इसलिए कुष्ठ रोग से दूषित इस अंग को अपने समान रंग वाला
अर्थात् काला कर दे. (३)
श्यामा सरूपंकरणी पृथिव्या अध्युद्भृता.
इदमू षु प्र साधय पुना रूपाणि कल्पय.. (४)
हे काले रंग की एवं अपने संपर्क में आने वाले को अपने समान बना देने वाली ओषधि!
तू आसुरी माया द्वारा धरती से उत्पन्न की गई है. तू कुष्ठ रोग से आक्रांत इस अंग को पुनः
पहले के समान रंग वाला बना दे. (४)
सूक्त-२५ देवता—यक्ष्मानाशक अग्नि
यदग्निरपो अदहत् प्रविश्य यत्राकृण्वन् धर्मधृतो नमांसि.
तत्र त आहुः परमं जनित्रं स नः संविद्वान् परि वृङ्ग्धि तक्मन्.. (१)
हे जीवन को कष्ट पूर्ण बनाने वाले ज्वर! जिस अग्नि ने प्रवेश कर के जलों को जलाया
अर्थात् गरम किया, यश, दान आदि धार्मिक कृत्य करने वालों ने जिस अग्नि में होम किया है,
उसी उत्तम अग्नि में से तेरा जन्म बताया गया है. यह सब जानता हुआ तू गरम जल से स्नान
करने वाले हमारे शरीर को त्याग कर अग्नि में प्रवेश कर. (१)
यद्यर्चिर्यदि वासि शोचिः शकल्येषि यदि वा ते जनित्रम्.
हूडुर्नामासि हरितस्य देव स नः संविद्वान् परि वृङ्ग्धि तक्मन्.. (२)
हे जीवन को दुःखमय बनाने वाले ज्वर! तू यद्यपि उष्णता कारक एवं सुखाने वाला है.
यद्यपि तेरा जन्म अग्नि से हुआ है, तथापि हे दीप्तिशाली ज्वर! तू मनुष्य के शरीर में पीले रंग
को उत्पन्न करने वाला है. इसलिए तू हूड नाम से प्रसिद्ध है. तू हमारे गरम जल से भीगे हुए
ebook converter DEMO Watermarks*