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अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

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DevanagariSanskritpublished1,063 pages

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Page 520

से बनाया है अथवा उन्होंने गार्हपत्य अग्नि पर पाक कर के तेरा निर्माण किया है. मैं
अपराधहीन होने के कारण तुझे शक्तिहीन बनाता हूं. (१८)
उपा॒हृत॒मनु॑बुद्धं निखा॑तं वैरं त्सार्य॒न्ववि॑दाम क॒र्त्रम्.
तदेतु॒ यत॒ आभृ॑तं तत्राश्व॑ इव वि वर्ततां हन्तु कृत्या॒कृतः॑ प्र॒जाम्.. (१९)
कपटपूर्ण वैर को हम उसी के पास लौटाते हैं और वैर के कारण बनाई गई कृत्या को
हम उसी के निर्माणकर्ता के पास वापस भेजते हैं. कृत्या घोड़े के समान अपने स्थान पर चली
जाए और कृत्या का प्रयोग करने वाले की संतान का विनाश कर दे. (१९)
स्वायसा असयः सन्ति नो गृहे विद्मा ते कृत्यै यतिधा परूंषि.
उत्तिष्ठैव परेहीतोऽज्ञाते किमिहेच्छसि.. (२०)
हे कृत्या! हम तेरी हड्डियों के जोड़ों को जानते हैं. हमारे घरों में अच्छे लोहे से बनी
तलवारें हैं. भलाई इसी में है कि तू यहां से शीघ्र ही हमारे शत्रु के समीप चली जा. हम तुझे
नहीं जानते. तू यहां क्या चाह रही है? (२०)
ग्रीवास्ते कृत्यै पादौ चापि कत्स्या॑मि निर्द्रव.
इन्द्राग्नी अस्मान् रक्षतां यौ प्रजानां प्रजावती.. (२१)
हे कृत्या! मैं तेरी गरदन और पैर काट डालूंगा. तू यहां से भाग जा. प्रजाओं की रक्षा
करने वाले इंद्र और अग्नि हमारी रक्षा करें. (२१)
सोमो राजा ऽ धिपा मृडिता च भूतस्य नः पतयो मृडयन्तु.. (२२)
राजा सोम प्राणियों के रक्षक हैं. प्राणियों की रक्षा करने वाले वे हमें सुखी बनाएं. (२२)
भवाशर्वावस्यतां पापकृते कृत्याकृते. दुष्कृते विद्युतं देवहेतिम्.. (२३)
कृत्या का निर्माण करने वाला पापी है. भव और शर्व उस के विनाश के लिए विद्युत को
प्रेषित करें जो देवों का शस्त्र है. (२३)
यद्येयथ द्विपदी चतुष्पदी कृत्याकृता संभृता विश्वरूपा.
सेतो ३ ष्टापदी भूत्वा पुनः परेहि दुच्छुने.. (२४)
हे कृत्या! तेरा निर्माण करने वालों ने तुझे दो पैरों वाली अथवा चार पैरों वाली बनाया है.
यदि तू हमारे समीप आ रही है तो आठ पैरों वाली बन कर यहां से लौट जा. (२४)
अभ्य १ क्ताक्ता स्वरंकृता सर्वं भरन्ती दुरितं परेहि.
जानीहि कृत्यै कर्तारं दुहितेव पितरं स्वम्.. (२५)
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