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अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

by डा. गंगा सहाय शर्मा

Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)

DevanagariSanskritpublished1,063 pages

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वरुणो याति वस्वभिः.. (३)
वरुण रात्रि के साथ जाते हैं. (३)
शतं वा भारती शवः.. (४)
वाणी के सौ बल हैं. (४)
शतमाश्वा हिरण्ययाः.
शतं रथ्या हिरण्ययाः. शतं कुथा हिरण्ययाः. शतं निष्का हिरण्ययाः.. (५)
सुनहरे रंग के सौ घोड़े, सोने के बने सौ रथ, सोने के बने सौ गछे और सोने के सौ निष्क
अर्थात् सिक्के या आभूषण हैं. (५)
अहल कुश वर्त्तक.. (६)
उत्तम कुश वर्तमान है. (६)
शफेन इव ओहते.. (७)
वह शफ अर्थात् खुर से वहन करता है. (७)
आय वनेनती जनी.. (८)
आप झुकने वाली माता की तरह आएं. (८)
वनिष्ठा नाव गृह्यन्ति.. (९)
जल में स्थित नाव ग्रहण की जाती है. (९)
इदं मह्यं मद्दूरिति.. (१०)
यह मुझे प्रसन्न करता है. (१०)
ते वृक्षाः सह तिष्ठति.. (११)
वे वृक्षों के साथ बैठते हैं. (११)
पाक बलिः.. (१२)
बलि पक गई है. (१२)
शक बलिः.. (१३)
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