अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Atharvaveda Samhita with Hindi Translation
by डा. गंगा सहाय शर्मा
Source: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (origin)
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Read in contextबहुत से बाणों पर अधिकार करने वाला कौन है? (१)
को असिद्याः पयः.. (२)
रजोगुणी प्रकृति का पोषक कौन है? (२)
को अर्जुन्याः पयः.. (३)
अर्जुनी अर्थात् प्रकृति का पय अर्थात् दूध कौन सा है? (३)
कः काष्ण्याः पयः.. (४)
तमोगुणी प्रकृति का दूध क्या है. (४)
एतं पृच्छ कुहं पृच्छ.. (५)
यदि जानते नहीं हो तो पूछो. (५)
कुहाकं पक्वंकं पृच्छ.. (६)
कुशल एवं परिपक्व मनुष्य से पूछो. (६)
यवानो यतिस्वभिः कुभिः.. (७)
यत्नकर्ता समान पृथ्वियों से युक्त हुआ. (७)
अकुप्यन्तः कुपायकुः.. (८)
पृथ्वी का मर्म न जानने वाला क्रोधित हो गया. (८)
आमणको मणत्सकः.. (९)
आमणक मणत्सक है. (९)
देव त्वप्रतिसूर्य.. (१०)
हे सूर्य देव. (१०)
एनश्विपङ्क्तिका हविः.. (११)
यह पापनाशक हवि है. (११)
प्रदुद्दुदो मघाप्रति.. (१२)
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