अद्भुत रामायण (पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र हिन्दी टीका सहित)
Adbhut Ramayana Hindi
by महर्षि वाल्मीकि (टीकाकार: पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र)
Source: Maharshi Valmiki Krit Srimad Adbhut Ramayanam with Hindi Tika by Pt. Jwala Prasad Mishra (origin)
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**दोहा—**राम अनन्त अनन्तगुण, अमित कथा विस्तार ।
सुनि आश्चर्य न मानि हैं, जिनके विमल विचार ॥
रघुनाथगाथारसरसिक पाठकवृन्द ! रामकथाका संसारमें शतकरोड़ विस्तार है उसमें बहुत कथा देवलोकमें विद्यमान हैं और बहुतसी कथा मर्त्यलोकमें स्थित हैं, जिस प्रकार वाल्मीकिजीने अपनी २४००० चौबीस सहस्र रामायणमें पुरुषकी प्रधानता कही है, उसी प्रकार इसमें प्रकृति (शक्ति) का प्रभाव वर्णन किया है, जिस प्रकार प्रकृति-पुरुषसे जगत् होता है उसी प्रकार राम-सीतासे पृथ्वीका भार उतारना इस ग्रन्थमें वर्णन किया है. राम सीता एक ही हैं इनमें कुछ भेद नहीं है. इस कारण जानकीका माहात्म्य भी रामहीका माहात्म्य है । यह सम्पूर्ण कथा अध्यात्मपर है इसमें रामकी ब्रह्म और जानकीकी शक्ति प्रगटरूपसे वर्णन किया है । इस ग्रन्थके संस्कृतमें होनेसे सर्व साधारणको इसका आशय विदित नहीं होता था, केवल कहीं कहीं बहुत संक्षेपसे इसकी चर्चा होती थी, इस कारण हरिभक्त महात्माओंके विनोदार्थ इसकी भाषाटीका कर सब प्रकारके स्वत्वसहित यह ग्रन्थ वैश्यवंशावतंस सेठ शिरोमणि “ श्रीवेंकटेश्वर ” स्टीम् यंत्रालयाधिपति खेमराज श्रीकृष्णदास महाशयको कर दिया है ।
**टीकाकार—**पं ज्वालाप्रसादमिश्र,
मुरादाबाद